रायपुर। बस्तर संभाग में आई भीषण बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हजारों लोग बेघर हो गए, सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए और खेत-खलिहान बर्बाद हो गए हैं। पशुधन की भी भारी क्षति हुई है। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। इस आपदा की घड़ी में पड़ोसी राज्यों ने भी छत्तीसगढ़ की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
मध्यप्रदेश देगा 5 करोड़ की आर्थिक सहायता
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ को 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य होने के नाते मध्यप्रदेश का यह दायित्व है कि हर संभव मदद पहुंचाई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा,“अतिवृष्टि के कारण छत्तीसगढ़ में आई बाढ़ से जन-धन की भारी हानि हुई है। इस कठिन समय में हम अपने छत्तीसगढ़ के भाइयों-बहनों के साथ हैं और हर स्तर पर सहयोग करेंगे।”
ओडिशा और गोवा भी करेंगे सहयोग
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने भी छत्तीसगढ़ को राहत राशि और सामग्री भेजने का ऐलान किया है। दोनों राज्यों ने आश्वासन दिया है कि बस्तर के बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद और पुनर्वास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
सीएम विष्णुदेव साय ने जताया आभार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी पड़ोसी राज्यों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा,“आपके इस सौजन्य के लिए हृदय से धन्यवाद। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ केवल पड़ोसी राज्य नहीं, बल्कि आत्मीय रिश्तों से जुड़े परिवार की तरह हैं। आपदा की घड़ी में आपका यह सहयोग बस्तर के प्रभावित जनों को संबल प्रदान करेगा।”
प्रशासन जुटा राहत कार्यों में
बस्तर संभाग के कई जिलों में अब भी पानी भरा हुआ है। सैकड़ों मकान ढह गए हैं, जबकि हजारों लोग अस्थायी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। प्रशासन द्वारा खाने-पीने का सामान, दवाइयां और कपड़े लगातार पहुंचाए जा रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रही हैं।
गौरतलब है कि कई वर्षों बाद बस्तर संभाग में इतनी भीषण बाढ़ आई है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।




