बिलासपुर। उच्च न्यायालय की गाइडलाइन और प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद देर रात तेज आवाज़ में डीजे बजाने वालों पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। कोलाहल अधिनियम 1985 की धारा 15 के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी गई, जिसमें तीन एफआईआर दर्ज कर कई डीजे सेटअप और वाहन जब्त किए गए।
सरकंडा थाना क्षेत्र में कार्रवाई
सरकंडा पुलिस ने जबड़ापारा इलाके में माजदा वाहन में लगाए गए हाई-पावर डीजे सिस्टम को जब्त किया। आरोपी विकास यादव निवासी गोड़पारा तिफरा और संचालक शंकरलाल निषाद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सिविल लाइन क्षेत्र में भी दबिश
सिविल लाइन पुलिस ने छोटा हाथी वाहन में लगे डीजे साउंड सिस्टम को जप्त किया। इसके साथ 4 नग बेस बॉक्स, 4 नग टॉप बॉक्स और 2 एम्पलीफायर भी जब्त किए गए। वहीं, राघवेन्द्र सभा भवन के पास भी तेज आवाज़ में डीजे बजाने वालों पर कार्रवाई हुई।
पचबहरा और दैजा में डीजे संचालक पकड़े गए
पचबहरा और दैजा इलाके में ध्वनि प्रदूषण फैलाने पर तीन डीजे संचालक
* उमेश कुमार धुरी (मुंगेली)
* बसंत साहू
* दीपक ध्रुव (तखतपुर)
को पकड़ा गया। पुलिस ने इनके वाहनों से हाई-पावर बेस बॉक्स, जनरेटर, लाइट और एम्पलीफायर जब्त किए।
ध्वनि प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट और प्रशासन की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। देर रात तेज आवाज़ से न सिर्फ आम लोगों की नींद और स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि यह सीधा कानूनी उल्लंघन भी है।
पुलिस ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।




