रायपुर। श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने के नाम पर 55 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में फंसे आरोपी को हाई कोर्ट से आंशिक राहत मिली है। अदालत ने आरोपी की गंभीर बीमारियों को देखते हुए दो महीने की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है।
रिश्वतकांड का खुलासा
सीबीआई जांच में सामने आया था कि 30 जून 2025 की रात डॉ. चैत्रा के पति रविचंद्र के. आरोपी सतीशा ए. के घर पहुंचे और 16.62 लाख रुपये रिश्वत ली। इसके बाद हुई छापेमारी में 38.38 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। अगले ही दिन, 1 जुलाई को सीबीआई ने दोनों को गिरफ्तार कर बेंगलुरु कार्यालय ले जाकर पूछताछ की और बाद में उन्हें विशेष सीबीआई कोर्ट, रायपुर में पेश किया गया।
बीमारी का हवाला देकर जमानत याचिका
आरोपी सतीशा ए. ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की। उन्होंने दावा किया कि वह कैंसर, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें फोटोथैरेपी समेत नियमित इलाज की आवश्यकता है। सीबीआई ने मेडिकल रिपोर्ट की पुष्टि के बाद माना कि आरोपी को विशेष इलाज की जरूरत है।
कोर्ट का आदेश
हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता और रिश्वतखोरी की प्रकृति को देखते हुए नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, आरोपी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दो माह की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा पूरी होने पर आरोपी को फिर से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होना होगा।
ऐसे हुआ खुलासा
यह मामला तब उजागर हुआ जब मेडिकल कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर करोड़ों की रिश्वत की लेन-देन की शिकायत सीबीआई तक पहुंची। जांच में मिली नकदी और सबूतों ने पूरे रैकेट की परतें खोल दीं।





