बीजापुर। जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत संतोषपुर के मुख्य सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। सड़क की दुर्दशा के चलते एंबुलेंस तक गांव तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे मरीजों को भारी असुविधा होती है। इस समस्या को लेकर जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे ने कलेक्टर बीजापुर और क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।

नीना रावतिया ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर राज्य सरकार विकास और सड़क निर्माण के दावे करती है, वहीं जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर बसे संतोषपुर के लोगों को आवागमन के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि, बारिश के दिनों में स्थिति और विकट हो जाती है, एंबुलेंस सेवाएं ठप हो जाती हैं और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में घंटों लग जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि सड़क महज 8 किलोमीटर की है, लेकिन इसकी स्थिति इतनी खराब है कि दोपहिया वाहनों से भी मुख्यालय आना-जाना मुश्किल हो जाता है। इस मार्ग पर लगभग 12 छोटे-छोटे पुल-पुलियों का निर्माण आवश्यक है। यदि सड़क का निर्माण हो जाता है तो केवल संतोषपुर ही नहीं, बल्कि कोरसापारा, कोयाईटपाल, तुमनार, पेदाकोडेपाल से लेकर नैमेड पंचायत तक के हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण वे न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं बल्कि रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति में भी कठिनाइयां झेलते हैं। बच्चों की पढ़ाई, किसानों की उपज बाजार तक ले जाना और रोजमर्रा का आवागमन एक चुनौती बन गया है।
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इस मौके पर पूर्व सरपंच मनीष लेकाम, पूर्व जनपद सदस्य दिलीप कोरसा, कमलू लेकाम, मुन्ना कलमू, कुमारू कोरसा, बर्मानंद कुड़मूल, मनोज समतुल, रमेश कुड़मूल, मनीष अवलम, अनिल कोरसा, सुशील यादव, विनेश कुड़ियम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सड़क निर्माण की मांग दोहराई।





