रायपुर। सर्किट हाउस कर्मचारी के साथ वन मंत्री द्वारा कथित गाली-गलौच और मारपीट के मामले ने राजधानी की सियासत गरमा दी है। सोमवार को शहर जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, जो देखते-देखते हिंसक हो गया।
पुलिस से झड़प और बंगले में तोड़फोड़
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और भानपुरी स्थित केदार कश्यप के बंगले की ओर कूच किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सुरक्षा जवानों के बीच तीखी झड़प हुई। कार्यकर्ताओं ने बंगले में घुसकर तोड़फोड़ की, जिसमें खिड़कियों और फर्नीचर को नुकसान पहुंचा।
झड़प में एक महिला सुरक्षा कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके सिर पर चोट आने के बाद सहकर्मी उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर हमला किया, जबकि कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठियां भांजीं और कार्यकर्ताओं को चोटें आईं।
कांग्रेस का आरोप
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक और शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे और उधोराम वर्मा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सर्किट हाउस प्रकरण को लेकर न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। उन्होंने दावा किया कि मोतीबाग के पास बैरिकेडिंग पर हुई धक्का-मुक्की में कई कांग्रेस नेताओं को चोटें आईं।
भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी का बड़ा बयान
मा.चरण दास महंत जी ने बताया था कांग्रेसी चमचे है?गुंडागर्दी भी करते है तोड़फोड़ भी करते है उपद्रवी है नहीं बताया था..क्या हार की निराशा इंसान को ऐसा बना देती है,महिला पुलिस कर्मी से बतमीजी और हिंसा साथ ही मंत्री केदार कश्यप जी के कार्यालय में की गई तोड़फोड़ निंदनीय है कांग्रेस का यह कृत्य घृणित कृत्य है जनता इसका जवाब ज़रूर देगी।





